धर्म और नीति क्या है, इनका मूल स्वरूप क्या है और इसके उद्देश्य क्या है।

धर्म और नीति क्या है, इनका मूल स्वरूप क्या है और इसके उद्देश्य क्या है।

दुनिया के हर देश और समाज मे धर्म और उसके कुछ नियम जिन्हे हम नीति के रूप मे जानते है, जो हमे हर देश काल परिस्थिति मे देखने को मिलते है। और जब बात आती है भारतवर्ष की तो यहाँ तो कई धर्म और उनकी नीतियाँ है और सबसे प्रमुख है सनातन धर्म और उनकी…

कैसे हुई कलियुग की शुरुआत और वो 5 स्थान जहां कलियुग का है निवास

कैसे हुई कलियुग की शुरुआत और वो 5 स्थान जहां कलियुग का है निवास

हम सभी जानते है कि भारतीय सनातन परंपरा में चार युगों का वर्णन हैं। और प्रत्येक युग का उसका विशेष गुण और अवगुण है। चारों युगों के द्वारा इस सृष्टि का संचालन होता है। प्रत्येक युग में पाप बढ़ता जाएगा और पुण्य का कार्य घटता जाएगा और अंत में इस सृष्टि का विनाश करके ईश्वर…

वृन्दावन की गोपियों का भक्ति योग- दार्शनिक विवेचना

वृन्दावन की गोपियों का भक्ति योग- दार्शनिक विवेचना

भारतीय सनातन धर्म परंपरा मे सभी का परम लक्ष्य होता है उस परम सत्ता की प्राप्ति करना और इसको प्राप्त करने के लिए कई तरह के मार्ग बताए गए है जिनमे सबसे कठिन मार्ग है हठ योग और सबसे आसान मार्ग है भक्ति योग बहकती योग को भी दो भागों मे बांटा गया है जिनमे…

राजा भार्ता की मोक्ष यात्रा- कथा प्रसंग

राजा भार्ता की मोक्ष यात्रा- कथा प्रसंग

भारतीय सनातन धर्म परंपरा मे मोक्ष का बहुत ही ज्यादा महत्व है। कर्म और कर्म फल के लिए और ईश्वर ध्यान साधना के जरिये मोक्ष और उस परम सत्ता की प्राप्ति ही परम लक्ष्य है। आज हम एक कथा प्रसंग सुनेंगे जिसमे एक राजा किस प्रकार से अपनी मोक्ष यात्रा पूरी करता है और। और…

जीवन आदर्श सिखाती गुरु नानक देव के कुछ प्रेरक प्रसंग- गुरु नानक देव जयंती विशेष

जीवन आदर्श सिखाती गुरु नानक देव के कुछ प्रेरक प्रसंग- गुरु नानक देव जयंती विशेष

कार्तिक मास की पुर्णिमा तिथि जो कि सनातन धर्म मे बहुत महत्वपूर्ण तिथि है इस दिन पवित्र मास कार्तिक क्का समापन होता है। और इसी दिन देव दीपावली एवं कार्तिक पुर्णिमा स्नान का महत्व है उसी प्रकार इसी दिन सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का जन्म दिवस भी बहुत ही धूम धाम…

रामायण के कुछ प्रेरणादायक प्रसंग भाग 1- राम की शालीनता (दार्शनिक विवेचना)

रामायण के कुछ प्रेरणादायक प्रसंग भाग 1- राम की शालीनता (दार्शनिक विवेचना)

भारतीय सनातन परंपरा मे जीतने भी शास्त्र या धार्मिक ग्रंथ है वो हमे धर्म मे निहित नियमो और निर्देशों के साथ साथ कई प्रसंगों के जरिये भी कई प्रेरणादायक बातें बताते है जो हमे जीवन के सही मार्ग के अनुशरण करने मे बहुत ही सहयोगी साबित होते है। आज हम इसी के अंतर्गत रामायण के…

शास्त्रार्थ और धर्म के नियमों की व्याख्या मे इसका महत्व- दार्शनिक विवेचना

शास्त्रार्थ और धर्म के नियमों की व्याख्या मे इसका महत्व- दार्शनिक विवेचना

भारतीय सनातन धर्म मे शास्त्र और शास्त्रार्थ का बहुत ही अधिक महत्व है धर्म के नियम उनके अवयव की विवेचना का कार्य इन्ही की जरिये की जाती है। लेकिन आज के समय मे शास्त्रार्थ को वाद विवाद के रूप मे जाना जाता है जो इसकी व्याख्या को दूषित करता है। तो आज के इस लेख…

हरिद्वार कुम्भ मेला 2021- आध्यात्मिक साक्षात्कार की यात्रा

हरिद्वार कुम्भ मेला 2021- आध्यात्मिक साक्षात्कार की यात्रा

सनातन धर्म मे कुम्भ मेले एवं स्नान का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। 4 वर्ष के अंतराल पर देश के 4 प्रमुख तीर्थ स्थलों पर कुम्भ मेले का आयोजन होता है। इस बार भी उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में कुम्भ मेला 2021 का आयोजन होगा। आज हम बात करेंगे इस कुम्भ मेले की इसके स्वरूप…

कब होती है पूजा स्वीकार- दार्शनिक विवेचना

कब होती है पूजा स्वीकार- दार्शनिक विवेचना

भारतीय संस्कृति हो या फिर कोई अन्य संस्कृति अथवा सभ्यता, पूजा पाठ और prayer की परंपरा सभी जगहों पर प्रचलित है। और लोगो का पूजा पाठ करने का उद्देश्य भी एक समान होता है। लेकिन प्रश्न ये उठता है कि क्या सभी की पूजा ईश्वर स्वीकार करते है या फिर इसके भी कुछ मानक है।…

एक नहीं पाँच दिवसीय है दीपावली महापर्व- जानिए विस्तार से

एक नहीं पाँच दिवसीय है दीपावली महापर्व- जानिए विस्तार से

कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को भारतीय सनातन समुदाय के द्वारा दीपावली के पर्व का आयोजन किया जाता है। उस दिन हम सभी प्रकाशोत्सव का आयोजन बड़ी धूम धाम से मानते है। लक्ष्मी पूजन गणेश पूजन और धन के देवता कुबेर का पूजन हम बहुत ही विधि विधान से करते है। दीपों के जरिये पूरे…