Guru Purnima- आध्यात्मिक गुरु न होने पर कैसे करें गुरु पुर्णिमा पूजन

Guru Purnima- आध्यात्मिक गुरु न होने पर कैसे करें गुरु पुर्णिमा पूजन

हमारे भारतीय समाज मे ईश्वर, माता पिता और गुरु इन तीन लोगों को पूजनीय माना गया है। और गुरु का स्थान तो इन सबमे सबसे ऊपर रखा गया है। इसी लिए आषाढ़ मास की पुर्णिमा तिथि को गुरु के पूजन दिवस (guru purnima) के रूप मे मनाया जाता है। गुरु पुर्णिमा के दिन मूलतः आध्यात्मिक…

चोर की चतुराई ने बचाई उसकी जान- कहानी

चोर की चतुराई ने बचाई उसकी जान- कहानी

पुरानी किस्से कहानियों मे बहुत सारी शिक्षा रहती है और आज से कुछ साल पहले जब internet और तकनीकी का इतना बोल बाला नहीं था तो किताबों मे लिखी कहानियों के जरिये ही अच्छी अच्छी बाते सीखते थे। आज सहसा मुझे अपनी कक्षा मे पढ़ी एक संस्कृत कहानी की याद आ गई जिसे हम हितोपदेश…

चिरंजीवी का क्या अर्थ है। और वो सात लोग जो आज भी है अमर।

चिरंजीवी का क्या अर्थ है। और वो सात लोग जो आज भी है अमर।

भारतीय सभ्यता मे जब भी हम अपने बड़ों का अभिवादन करते है तो उनमे से कुछ लोग हमे चिरंजीवी होने का आशीर्वाद देते है। तो फिर आखिर इसका अर्थ क्या है। चिरंजीवी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है चिर और जीवी जिसका मतलब लंबे समय तक जीवन से है। और अगर देखा जाये तो…

हठ योग की रहस्यमयी दुनिया- योग दिवस 21 जून विशेष

हठ योग की रहस्यमयी दुनिया- योग दिवस 21 जून विशेष

आज 21 जून के दिन हम लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप मे मनाते है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सात साल पहले आज के दिन योग दिवस मनाने का प्रचलन किया था। सभी लोग मानते है कि योग की शुरुआत और इसका उद्भव हमारे भारत देश मे ही हुआ है। महर्षि पतंजलि द्वारा दिया गया…

एक शासक के गुण पुरातन सनातन धर्म की नजर में-

एक शासक के गुण पुरातन सनातन धर्म की नजर में-

हम कहावतों मे भी बोलते है कि जंगल का भी एक राजा होता है। हाँ भले उनके नियम शक्ति आधारित होता है लेकिन राजा अथवा शासक होना बहुत आवश्यक है। और खासकर जब हम बात करें मानव समाज कि यहाँ शासक के तात्पर्य उस सत्ता से है जो सम्पूर्ण समाज को एक रूप में बांध…

राम भक्त हनुमान जी ने भी लिखी थी रामायण

राम भक्त हनुमान जी ने भी लिखी थी रामायण

भारतीय सनातन परंपरा मे हमे बहुत सारी ऐसी रोचक कथा कहानियाँ सुनने को मिल जाती है जिनका कोई प्रमाण ढूँढना बहुत ही कठिन है। हाँ ये सत्य है कि वो कहीं न कहीं उल्लिखित जरूर है लेकिन हमारे संस्कृति इतनी विशाल है जिसके सभी तथ्यों का साक्ष्य ढूँढना भूसे के ढेर मे सुई ढूँढने जैसा…

सेवा धर्म क्या है सेवा धर्म मानवता की पहचान

सेवा धर्म क्या है सेवा धर्म मानवता की पहचान

मानव एक बहुत ही अद्भुत और बुद्धिमान प्राणी ही और मानव को परिभाषित करने के लिए हम मानवता, समाज और विधि इत्यादि जैसे शब्दों का प्रयोग करते है। लेकिन अगर इन सभी शब्दों सहयोग शब्द से ही पूर्ण रूप दिया जा सकता है। मानव प्रजाति के विकास और उसके सुचारु संचालन के लिए एक दूसरे…

मृत्यु उपरांत मनुष्य की जमा पूंजी- धर्म शास्त्र के अनुसार

मृत्यु उपरांत मनुष्य की जमा पूंजी- धर्म शास्त्र के अनुसार

मानव ही नहीं बल्कि कोई भी प्राणी हो जब तक उसका जीवन रहता है वो कभी शांत नहीं बैठता उसका पूरा जीवन जीवन के सही संचालन, संसाधनों की तलाश इत्यादि मे ही लगा रहता है। खासकर जब बात मानव की हो तो ये तो अन्य प्राणियों से चार कदम आगे होता है। एक जानवर केवल…

बाज भी सिखाता है बच्चों की सही परवरिश का तरीका

बाज भी सिखाता है बच्चों की सही परवरिश का तरीका

इस दुनिया मे प्राणियों के तीन रूपों में विभक्त किया गया है। जलचर, थलचर और नभचर। सभी पक्षी जो उड़ने की क्षमता रखते है उन्हे नभचर माना जाता है। इन्ही पक्षियों मे से बाज को सबसे ताकतवर और बुद्धिमान पक्षी के रूप मे जाना जाता है। वो अपने बच्चे की परवरिश शुरू से ऐसे करता…

राजा विदुर ने बताए हैं एक सफल और बुद्धिमान इंसान के 5 गुण- विदुर नीति

राजा विदुर ने बताए हैं एक सफल और बुद्धिमान इंसान के 5 गुण- विदुर नीति

भारतीय सनातन परंपरा मे कई सारी नीति और आदर्श पिटिका के बारे मे बताया गया है जिनमे चाणक्य और विदुर नीति बहुत ही प्रसिद्ध है। ये नीति सूत्र हमे जीवन यापन के सही मार्ग के बारे मे बताते है और इन नीतियों के पालन कर के हम अपने जीवन के सभी लाभों को प्राप्त कर…