अधिक मास 2020- जाने क्यों आता है पुरुषोत्तम मास, मल मास और इसका महत्व-

भारतीय सनातन पंचांग के अनुसार हर तीन वर्ष के पश्चात एक मास अधिक होता है। जिसे अधिक मास, मल मास एवं पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। इस लेख मेन हम जानने का प्रयास करेंगे कि क्यों हर तीन वर्ष पर अधिक मास आता है क्या कारण है …

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श्रावण मास 2020- शिव आराधना को समर्पित सावन महीना

भारतीय पंचांग के श्रावण मास का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। वर्षा ऋतु का आनंद और धान के फसल की रोपाई के साथ सावन के झूले और शृंगार रस के गीतों का अनमोल समागम देखने को मिलता है। लेकिन इन सब के साथ साथ श्रावण महीने का सबसे महत्वपूर्ण इसलिए …

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गुरु पुर्णिमा 2020 विशेष- गुरु ज्ञान का दाता, गुरु ही पथ प्रदर्शक

गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मैटैं न दोष।। उपरोक्त कबीर दास जी की प्रसिद्ध दोहा गुरु का सम्पूर्ण व्याख्या करती है। और ये भी बताती है हमारे जीवन में एक गुरु का क्या महत्व है। गुरु की उपयोगिता …

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हरि शयनी एकादशी – चतुर्मास महात्म्य और आराधना

सनातन धर्म समाज में एकादशी तिथि का बहुत ही महात्म्य है। इसे भगवान विष्णु की तिथि मानी जाती है। और इस दिन व्रत रखते हुए भगवान विष्णु की आराधना करने का बहुत ही लाभकारी माना गया है। हर मास में 2 एकादशी पड़ती है इस प्रकार से 24 एकादशी पूरे …

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रथ यात्रा 2020 विशेष: चमत्कारिक जगन्नाथ पूरी

आदि शंकराचार्य ने सम्पूर्ण भारत के चार दिशाओं में चार धाम की स्थापना की उनमे से पूर्व दिशा में प्रभु जगन्नाथ धाम स्थित है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण की आराधना  जगन्नाथ  प्रभु के रूप में होती है। ओडिसा राज्य के पूरी जिले में समुद्र तट के निकट भगवान …

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सूर्य ग्रहण (21 जून 2020): ग्रहण काल सर्वोत्तम साधना काल

इस वर्ष आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि अथवा 21 जून 2020 को सम्पूर्ण सूर्य ग्रहण का योग है। वैसे तो वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार ग्रहण के संबंध में कई तथ्य बताए गए है। लेकिन यहाँ हम बात करेंगे ग्रहण काल के सम्पूर्ण विधानों के बारे में जिसके बारे में हमारे …

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धर्मानुसार राम, रावण विभीषण का चरित्र चित्रण।

रामायण की कथा पूरे विश्व मे विख्यात है। और बात अगर भारतवर्ष की हो तो रामायण की कथा जन जन के मानस मे कंठस्थ है। हम सभी के मन में राम, रावण, विभीषण आदि समस्त रामायण के किरदारों के चरित्र का चित्रण हो रखा है। लेकिन प्रायः देखा जाता है …

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महाभारत: कौरवों का जन्म

महाभारत एक ऐसा महाकाव्य है जिसमे हजारो छोटी छोटी कथाएँ जुड़ी हुई है। महाभारत की कहानिया कड़ियों के रूप में एक दूसरे से जुड़ी हुई है और वो एक महाकाव्य का निर्माण करती है। महाभारत हमे अपने जीवन के हर मार्ग से जुड़ी समस्याओं और कठिनाइयों को सुलझाने एवं नैतिक …

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महाशिवरात्रि: गौरी शंकर विवाह का अनुपम पर्व

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी तिथि को शिव पार्वती के विवाह का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन को महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। सनातन धर्म में महाशिवरात्रि पर्व को सभी लोग बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग …

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भगवान दत्तात्रेय: 24 गुरुओं की सीख और उनकी प्रासंगिकता

भारतीय सनातन धर्म के ग्रन्थों मे कई स्थानों पर भगवान दत्तात्रेय का वर्णन देखने को मिलता है। दक्षिण भारत में और उत्तर भारत में भी कुछ स्थानों पर भगवान दत्तात्रेय के मंदिर देखने को मिलते है। भगवान दत्तात्रेय के बारे में बहुत सारी कथाएँ समाज में प्रचलित है। लेकिन प्रचलित …

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