श्रावण मास (savan maas)- शिव आराधना को समर्पित सावन महीना

श्रावण मास (savan maas)- शिव आराधना को समर्पित सावन महीना

भारतीय पंचांग के श्रावण मास (savan maas) का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। वर्षा ऋतु का आनंद और धान के फसल की रोपाई के साथ सावन के झूले और शृंगार रस के गीतों का अनमोल समागम देखने को मिलता है। लेकिन इन सब के साथ साथ श्रावण महीने का सबसे महत्वपूर्ण इसलिए है कि इस…

गुरु पुर्णिमा (Guru Purnima) विशेष- गुरु ज्ञान का दाता, गुरु ही पथ प्रदर्शक

गुरु पुर्णिमा (Guru Purnima) विशेष- गुरु ज्ञान का दाता, गुरु ही पथ प्रदर्शक

गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मैटैं न दोष।। उपरोक्त कबीर दास जी की प्रसिद्ध दोहा गुरु का सम्पूर्ण व्याख्या करती है। और ये भी बताती है हमारे जीवन में एक गुरु का क्या महत्व है। गुरु की उपयोगिता के प्रति हमारे द्वारा दिये…

हरि शयनी एकादशी – चतुर्मास (Chaturmas) महात्म्य और आराधना

हरि शयनी एकादशी – चतुर्मास (Chaturmas) महात्म्य और आराधना

सनातन धर्म समाज में एकादशी तिथि का बहुत ही महात्म्य है। इसे भगवान विष्णु की तिथि मानी जाती है। और इस दिन व्रत रखते हुए भगवान विष्णु की आराधना करने का बहुत ही लाभकारी माना गया है। हर मास में 2 एकादशी पड़ती है इस प्रकार से 24 एकादशी पूरे वर्ष मे आती है। और…

सूर्य ग्रहण (Surya Grahan)(21 जून 2020): ग्रहण काल सर्वोत्तम साधना काल

सूर्य ग्रहण (Surya Grahan)(21 जून 2020): ग्रहण काल सर्वोत्तम साधना काल

इस वर्ष आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि अथवा 21 जून 2020 को सम्पूर्ण सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) का योग है। वैसे तो वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार ग्रहण के संबंध में कई तथ्य बताए गए है। लेकिन यहाँ हम बात करेंगे ग्रहण काल के सम्पूर्ण विधानों के बारे में जिसके बारे में हमारे सनातन धर्म के…

धर्मानुसार राम, रावण विभीषण का चरित्र चित्रण।

धर्मानुसार राम, रावण विभीषण का चरित्र चित्रण।

धर्म- सर्वप्रथम हम बात करेंग धर्म की उपरोक्त लिखित शीर्षक के आधार पर जो भी लेख प्रस्तुत होगा उसको जानने समझने के लिए सर्वप्रथम आपको धर्म की परिभाषा को समझना पड़ेगा। अब धर्म को समझने के लिए हम किसी श्लोक का प्रयोग कर सकते है। महाभारत जैसे महाकाव्य में धर्म को परिभाषित करने के लिए…

महाशिवरात्रि: गौरी शंकर विवाह का अनुपम पर्व

महाशिवरात्रि: गौरी शंकर विवाह का अनुपम पर्व

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी तिथि को शिव पार्वती के विवाह का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन को महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। सनातन धर्म में महाशिवरात्रि पर्व को सभी लोग बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग व्रत पूजन लारते हुए रात्रि…

भगवान दत्तात्रेय: 24 गुरुओं की सीख और उनकी प्रासंगिकता

भगवान दत्तात्रेय: 24 गुरुओं की सीख और उनकी प्रासंगिकता

भारतीय सनातन धर्म के ग्रन्थों मे कई स्थानों पर भगवान दत्तात्रेय का वर्णन देखने को मिलता है। दक्षिण भारत में और उत्तर भारत में भी कुछ स्थानों पर भगवान दत्तात्रेय के मंदिर देखने को मिलते है। भगवान दत्तात्रेय के बारे में बहुत सारी कथाएँ समाज में प्रचलित है। लेकिन प्रचलित कथा के अनुसार भगवान दत्तात्रेय…

फाल्गुन, फगुआ, रंगभरी एकादशी: होली का आगाज और अंदाज

फाल्गुन, फगुआ, रंगभरी एकादशी: होली का आगाज और अंदाज

फाल्गुन, फगुआ, रंगभरी एकादशी: होली का आगाज और अंदाज- भारतीय संस्कृति में होली एक महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में पहचाना जाता है। चाहे कोई भी धर्म संप्रदाय का व्यक्ति हो होली के त्योहार से हर कोई परिचित है। उपरोक्त शीर्षक यह बताने की कोसिस की जा रही है कि किस प्रकार होली के त्योहार का…

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व- सनातन हिन्दू धर्म दुनिया के प्राचीनतम धर्मों में से एक है। इसकी प्राचीनता का कोई अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन है। आज हम जिसे हिन्दू धर्म के नाम से जानते है इसका प्राचीनतम नाम सनातन धर्म है। सनातन धर्म की विविधता तथा इसके रीति रिवाजो का…