कैसे हुई कलियुग की शुरुआत और वो 5 स्थान जहां कलियुग का है निवास

कैसे हुई कलियुग की शुरुआत और वो 5 स्थान जहां कलियुग का है निवास

हम सभी जानते है कि भारतीय सनातन परंपरा में चार युगों का वर्णन हैं। और प्रत्येक युग का उसका विशेष गुण और अवगुण है। चारों युगों के द्वारा इस सृष्टि का संचालन होता है। प्रत्येक युग में पाप बढ़ता जाएगा और पुण्य का कार्य घटता जाएगा और अंत में इस सृष्टि का विनाश करके ईश्वर…

एक नहीं पाँच दिवसीय है दीपावली महापर्व- जानिए विस्तार से

एक नहीं पाँच दिवसीय है दीपावली महापर्व- जानिए विस्तार से

कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को भारतीय सनातन समुदाय के द्वारा दीपावली के पर्व का आयोजन किया जाता है। उस दिन हम सभी प्रकाशोत्सव का आयोजन बड़ी धूम धाम से मानते है। लक्ष्मी पूजन गणेश पूजन और धन के देवता कुबेर का पूजन हम बहुत ही विधि विधान से करते है। दीपों के जरिये पूरे…

कार्तिक मास कल्प मास – भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम मास (अयोध्या कार्तिक मास मेला)

कार्तिक मास कल्प मास – भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम मास (अयोध्या कार्तिक मास मेला)

भारतीय संस्कृति और परंपरा के अंतर्गत श्रावण मास के उपरांत आने वाले चतुर्मास का बहुत ही अधिक महत्व है। और इन्ही चतुर्मास का अंतिम मास कार्तिक मास होता है जो कि पूर्ण रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस मास मे भगवत भक्ति और आराधन करने मात्र से मनुष्य सभी कष्टों…

इस नवरात्रि घर मे करे सुख समृद्धि का स्वागत

इस नवरात्रि घर मे करे सुख समृद्धि का स्वागत

सनातन धर्म के अनुसार हर वर्ष 2 बार नवरात्रि को उपासना पर्व के रूप मे मनाया जाता है। वैसे तो मूलतः सनातन धर्म मे 4 नवरात्रि पर्व का उल्लेख देखने को मिलता है लेकिन जिनमे से 2 नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के रूप मे जाना जाता है और 2 नवरात्रि को सर्वमान्य रूप मे आयोजित…

तुलसीदास की रचना और हनुमान जी की कृपा आपका भाग्य बदल सकती है

तुलसीदास की रचना और हनुमान जी की कृपा आपका भाग्य बदल सकती है

हम सभी जानते है देश के और सनातन समाज के मन मे तुलसीदास जी ने अपनी रचनाओं के जरिये जो भक्ति भाव का उद्भव किया है वो कोई और नहीं कर सकता है। स्वयं आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने भी भक्ति आंदोलन मे तुलसीदास जी की महिमा का जो वर्णन अपने लेखों के जरिये किया है…

ग्रहों की दृष्टि से बचने के सामान्य उपाय

ग्रहों की दृष्टि से बचने के सामान्य उपाय

ग्रहों की दृष्टि- सनातन धर्म एवं ज्योतिष शस्त्र के अनुसार प्रत्येक जीव के जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत ग्रहों की दृष्टि का प्रभाव बना रहता है। कुछ ग्रह हमारे जीवन को बहुत ही खुशहाल बना देते है। कुछ ग्रह अपनी कुदृष्टि एवं नीच भाव के कारण हमारे जीवन मे परेशानियाँ और कठिनाइयों का अंबार लगा…

पितृ पक्ष का महत्व एवं तर्पण विधि- पितरों को समर्पित एक पखवाड़ा

पितृ पक्ष का महत्व एवं तर्पण विधि- पितरों को समर्पित एक पखवाड़ा

सनातन धर्म में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष को पूरी तरह पितरों को समर्पित किया गया है। इस वर्ष 01 सितंबर से 17 सितंबर तक पितृ पक्ष का आयोजन किया जायेगा। सनातन धर्म मे संतानोत्पत्ति का मूल उद्द्येश्य ही यही होता है कि संतान तीन तरह के ऋणों से उन्हे तथा अपने पूर्वजों को मुक्ति…

रिद्धी सिद्धि बुद्धि दाता प्रथम पूज्य गणेश- गणेशोत्सव विशेष

रिद्धी सिद्धि बुद्धि दाता प्रथम पूज्य गणेश- गणेशोत्सव विशेष

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को सनातन धर्म के लोगो के लिए बहुत ही विशेष दिन है। इस दिन को प्रथम पूज्य गणेश के जयंती के रूप मे मनाया जाता है। चतुर्थी तिथि से लेकर चतुर्दशी तिथि तक दश दिवसीय उत्सव बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। खासकर महाराष्ट्र मे ये त्योहार बड़े ही…

इस जन्माष्टमी सीखे श्री कृष्ण के लीलाओं मे छिपे जीवन रहस्य- जन्माष्टमी 2020

इस जन्माष्टमी सीखे श्री कृष्ण के लीलाओं मे छिपे जीवन रहस्य- जन्माष्टमी 2020

प्रत्येक वर्ष के भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी पर्व के रूप मे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी 11 और 12 अगस्त 2020 को जन्माष्टमी 2020 के पर्व को मनाया जाएगा। हर वर्ष हम इसके बारे मे बहुत सारे लेख पढ़ते है और लगभग सभी…

इस वर्ष अधिक मास- जाने क्यों आता है पुरुषोत्तम मास, मल मास और इसका महत्व-

इस वर्ष अधिक मास- जाने क्यों आता है पुरुषोत्तम मास, मल मास और इसका महत्व-

भारतीय सनातन पंचांग के अनुसार हर तीन वर्ष के पश्चात एक मास अधिक होता है। जिसे अधिक मास, मल मास (Mal Maas) एवं पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। इस लेख में हम जानने का प्रयास करेंगे कि क्यों हर तीन वर्ष पर अधिक मास आता है क्या कारण है इसके पीछे। और…