बाल मन में नैतिकता का उद्भव एवं उत्थान

बाल मन में नैतिकता का उद्भव एवं उत्थान

बाल मन में नैतिकता का उद्भव एवं उत्थान- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज में स्थापित रहने के लिए समाज के लोगो के मध्य सामंजस्य होना अति आवश्यक है। और समाज में सामंजस्य बनाए रखने के लिए लोगो में नैतिकता का होना अति आवश्यक तत्व है। किसी व्यक्ति में नैतिकता की भावना एक क्षण…

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व

सनातन धर्म: सोलह संस्कार और वर्तमान समय में उनका महत्व- सनातन हिन्दू धर्म दुनिया के प्राचीनतम धर्मों में से एक है। इसकी प्राचीनता का कोई अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन है। आज हम जिसे हिन्दू धर्म के नाम से जानते है इसका प्राचीनतम नाम सनातन धर्म है। सनातन धर्म की विविधता तथा इसके रीति रिवाजो का…

यात्रा (अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा): दार्शनिक प्रासंगिकता

यात्रा (अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा): दार्शनिक प्रासंगिकता

उपरोक्त शीर्षक में दी गई लाइन अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा महान दार्शनिक, लेखक राहुल सांकृत्यायन जी के एक निबंध से लिया गया इस निबंध को जब मैंने सर्वप्रथम पढ़ा था तब से ही मैंने इसे अपने जीवन शैली का एक अभिन्न अंग मान लिया। देखा जाये तो यह सही ही है किसी क्षेत्र विशेष, उनकी संस्कृति,…

किताबों की दुनिया: किस्से कहानियों के परिपेक्ष्य में

किताबों की दुनिया: किस्से कहानियों के परिपेक्ष्य में

भले ही हम एक डिजिटल दुनिया में रह रहे हो, कितना ही हमारे लिए बहुत सारी विषय वस्तु मोबाइल, इंटरनेट इत्यादि पर मिल जाती हो। लेकिन फिर भी जो सुकून हमें किताबों में किस्से कहानियाँ (story book hindi) पढ़ने को मिलती है। वो कही और नहीं मिलती। अगर बात करे मोबाइल इंटरनेट से पहले के…

कार्टून प्रोग्राम: 90 का दशक और आज के समय में परिवर्तन

कार्टून प्रोग्राम: 90 का दशक और आज के समय में परिवर्तन

भारत में कार्टून प्रोग्राम का उद्भव- अगर देखा जाए तो भारत में कार्टून प्रोग्राम (Cartoon Characters India) का उद्भव 90 के दशक मे हुआ दूरदर्शन का नया नया आगाज हुआ था। रामनन्द सागर कृत रामायण और बी. आर. चोपड़ा कृत महाभारत के साथ ही द जंगल बुक (मोगली की कहानी) भी जन सामान्य में प्रचलित…

मर्यादा पुरुषोत्तम राम: एक आदर्श पुरुष की परिभाषा

मर्यादा पुरुषोत्तम राम: एक आदर्श पुरुष की परिभाषा

भारतीय हिन्दू संस्कृति में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम (Maryada purushottam ram) एक पूजनीय नाम है। राम को भारतीय समाज में एक आदर्श पुत्र, आदर्श राजा, आदर्श भाई, आदर्श पति (कुछ अपवादों को छोडकर) के रूप देखा जाता है। केवल भारतीय समाज में ही नहीं बल्कि अन्य कई देशों में भी राम के स्वरूप एवं रामायण…